.: . ( Bikhare Huye Moti )
| AUTHOR | Agrawal, Jagdish |
| PUBLISHER | iUniverse (06/18/2014) |
| PRODUCT TYPE | Paperback (Paperback) |
Description
कवितायेँ लिख रहे हैँ । आपने दिसम्बर 2012 मेँ "सुबह का कौवा" प्रकाशित किया है । जुलाई 2013 मेँ आपकी "हल्ला बोल" पुस्तक प्रकाशित हुई है । आपकी "सुग्गा बोला" और "नौवा ड़ोला" भी प्रकाशित हो चुकीँ हैँ । आप शीघ्र भारत जा रहेँ हैँ । भारत यात्रा के दौरान भी कुछ नई रचनाओँ को प्रकाशित करने का इरादा है । These poems are meant to be sung and danced to. इन कविताओँ को आसानी से गाया जा सकता है । इनके सहारे अच्छी तरह ग्रुप बना कर नाचा जा सकता है ।
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Product Format
Product Details
ISBN-13:
9781491729533
ISBN-10:
1491729538
Binding:
Paperback or Softback (Trade Paperback (Us))
Content Language:
Hindi
More Product Details
Page Count:
80
Carton Quantity:
88
Product Dimensions:
6.00 x 0.19 x 9.00 inches
Weight:
0.28 pound(s)
Country of Origin:
US
Subject Information
BISAC Categories
Poetry | General
Descriptions, Reviews, Etc.
publisher marketing
कवितायेँ लिख रहे हैँ । आपने दिसम्बर 2012 मेँ "सुबह का कौवा" प्रकाशित किया है । जुलाई 2013 मेँ आपकी "हल्ला बोल" पुस्तक प्रकाशित हुई है । आपकी "सुग्गा बोला" और "नौवा ड़ोला" भी प्रकाशित हो चुकीँ हैँ । आप शीघ्र भारत जा रहेँ हैँ । भारत यात्रा के दौरान भी कुछ नई रचनाओँ को प्रकाशित करने का इरादा है । These poems are meant to be sung and danced to. इन कविताओँ को आसानी से गाया जा सकता है । इनके सहारे अच्छी तरह ग्रुप बना कर नाचा जा सकता है ।
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