Prarthana Dwara Samadhan Pane ki Takneek (Hindi Edition of Techniques in Prayer Therapy)
| AUTHOR | Murphy, Joseph |
| PUBLISHER | Manjul Publishing House (03/28/2016) |
| PRODUCT TYPE | Paperback (Paperback) |
इस पुस्तक में डॉ. जोसेफ़ मर्फ़ी बताते हैं कि सच्ची प्रार्थना क्रिया और प्रतिक्रिया के शाश्वत नियम का प्रयोग कैसे करती है I
हम मित्रों,संबन्धियों और मीडिया से इस तरह की कहानियाँ सुनते रहते हैं - प्रार्थनाओं का फल मिला, विपत्ति टल गयी, गंभीर दुःख सहन हो पाया, मुश्किल लक्ष्य हासिल हो गए... ऐसे सकारात्मक परिणाम जो सच्ची, दिल से की गई प्रार्थनाओं की बदौलत हासिल हुए I
डॉ. मर्फ़ी बताते हैं कि प्रार्थना किस तरह आपके मन में एक निश्चित विचार प्रक्रिया या मानसिक चित्र का बीजारोपण कर देती है और आपका मन उस चीज़ को स्वीकार कर लेता है, जिसे आप चेतन रूप से सच मानते हैं I सरल शैली में बताए गए वास्तविक जीवन के उदाहरण यह दिखाते हैं कि सच्ची प्रार्थना किस तरह टूटे विवाह को फिर से जोड़ सकती है, भारी विपत्ति को जीत सकती है, दुःख से मुकाबला कर सकती है और छोटी-बड़ी सभी तरह की समस्याओं को सुलझा सकती है I
आपका धर्म या मान्यता चाहे जो हो, यह पुस्तक आपको दिखाएगी कि प्रार्थना के ज़रिये आप किस तरह अपने अवचेतन मन का द्धार असीमित प्रज्ञा की और खोल सकते हैं, जो अंततः हमारे जीवन का मार्गदर्शन करती हैं I
इस पुस्तक में डॉ. जोसेफ़ मर्फ़ी बताते हैं कि सच्ची प्रार्थना क्रिया और प्रतिक्रिया के शाश्वत नियम का प्रयोग कैसे करती है I
हम मित्रों,संबन्धियों और मीडिया से इस तरह की कहानियाँ सुनते रहते हैं - प्रार्थनाओं का फल मिला, विपत्ति टल गयी, गंभीर दुःख सहन हो पाया, मुश्किल लक्ष्य हासिल हो गए... ऐसे सकारात्मक परिणाम जो सच्ची, दिल से की गई प्रार्थनाओं की बदौलत हासिल हुए I
डॉ. मर्फ़ी बताते हैं कि प्रार्थना किस तरह आपके मन में एक निश्चित विचार प्रक्रिया या मानसिक चित्र का बीजारोपण कर देती है और आपका मन उस चीज़ को स्वीकार कर लेता है, जिसे आप चेतन रूप से सच मानते हैं I सरल शैली में बताए गए वास्तविक जीवन के उदाहरण यह दिखाते हैं कि सच्ची प्रार्थना किस तरह टूटे विवाह को फिर से जोड़ सकती है, भारी विपत्ति को जीत सकती है, दुःख से मुकाबला कर सकती है और छोटी-बड़ी सभी तरह की समस्याओं को सुलझा सकती है I
आपका धर्म या मान्यता चाहे जो हो, यह पुस्तक आपको दिखाएगी कि प्रार्थना के ज़रिये आप किस तरह अपने अवचेतन मन का द्धार असीमित प्रज्ञा की और खोल सकते हैं, जो अंततः हमारे जीवन का मार्गदर्शन करती हैं I
